भारत के नदी तंत्र को जाने आसान शब्दों में

Know About The River System of India



भारत की नदी प्रणालियां

भारत का नदी तंत्र

भारत का अपवाह तंत्र

द रिवर सिस्टम ऑफ इंडिया

The River System of India





भारत के नदी तंत्र को जाने आसान शब्दों में | Know about The River System of India




हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी?




अपना भारत देश बहुत विशाल देश है| भारत को विविधताओं का देश भी कहा जाता है|
नदिया या नदी तंत्र हर देश में होता है| लेकिन भारत जैसे विशाल और विविधताओं भरे देश में नदी तंत्र भी विविध रूप में है|

इसलिए भारत के नदी तंत्र या भारत के अपवाह तंत्र या रिवर सिस्टम ऑफ इंडिया "The River System of India" Know About The River System of India, The Northern India's River System, The Himalayan River System, The Coastal Rivers of India, The Southern India's River System को समझना और याद रखना बहुत मुश्किल हो जाता है खास करके तब जब आप आर्ट्स या ज्योग्राफी विषय से संबंध ना रखते हो और आपको गवर्नमेंट जॉब के किसी एग्जाम की तैयारी करनी पड़ रही है तब यह और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है|




भारत के नदी तंत्र को जाने आसान शब्दों में


आज हम आपको भारत के अपवाह तंत्र या भारत की नदी प्रणालियां (रिवर सिस्टम ऑफ इंडिया) "The River System of India" को सारांश रूप में और आसान से शब्दों में प्रस्तुत करेंगे| ताकि आप सभी लोग इस मुश्किल से टॉपिक को आसानी से अपने जेहन में उतार सके| और आगामी परीक्षाओं में इस विषय से संबंधित किसी भी प्रश्न पर अपनी अच्छी से अच्छी प्रतिक्रिया दे सके| और अपनी भावी सफलता सुनिश्चित कर सकें|






भारत के नदी तंत्र को जाने आसान शब्दों में

Know About The River System of India


भारत की नदी प्रणालियां

भारत का नदी तंत्र

भारत का अपवाह तंत्र

द रिवर सिस्टम ऑफ इंडिया











भारत की नदी प्रणाली को निम्न तीन भागों में बांटा जा सकता है:-

(1) हिमालयी नदी तंत्र (The Himalayan River System),
(2) दक्षिणी नदी तंत्र (The Southern India's River System), और
(3) तटवर्ती नदी तंत्र (The Coastal India's River System)


हिमालयी नदी तंत्र क्या है?

The Northern India's River System

The Himalayan River System




हिमालयी नदियां, हिमालय क्षेत्र में बर्फ के पिघलने से बनती हैं और यह नदियां वर्षभर निरंतर बहती रहती हैं। मानसून में, हिमालय क्षेत्र में तेज वर्षा होती है, जिससे इन नदियों में बार-बार बाढ़ आती है। हिमालयी नदी प्रणालियां, सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना नदी प्रणाली का भाग हैं|


सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना नदियों के बारे में जाने-



सिंधु नदी


सिंधु नदी, तिब्बत में स्थित मानसरोवर के निकट से निकलती है| और यह तिब्बत के बाद भारत से होते हुए और उसके बाद पाकिस्तान में बहते हुए अंत में कराची के पास अरब सागर में मिल जाती है।


सिंधु नदी की महत्वपूर्ण सहायक नदियां-

सतलुज नदी
झेलम नदी
व्यास नदी
चिनाब नदी, और 
रावी नदी



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गंगा नदी


भागीरथी और अलकनंदा नदियां देवप्रयाग में आकर गंगा नदी बन जाती हैं । गंगा नदी उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उसके बाद पश्चिम बंगाल से होकर गुजरती है। भागीरथी नदी, राजमहल पर्वतमाला से निकलती है और पूर्व की ओर बढ़ते हुए बांग्लादेश में प्रवेश कर जाती है| 



गंगा नदी की महत्वपूर्ण सहायक नदियां-

यमुना नदी
गंडक नदी
कोसी नदी
रामगंगा नदी
घाघरा नदी
महानंदा नदी, और 
सोन नदी


गंगा की उप सहायक नदियां-

चंबल नदी, और 
बेतवा नदी


ब्रह्मपुत्र नदी


पद्मा नदी और ब्रह्मपुत्र नदी बांग्लादेश में मिलती हैं और गंगा नदी के रूप में बहती हैं। ब्रह्मपुत्र तिब्बत से निकलती है, जहां इसे त्सांगपो नदी के रूप में जाना जाता है और भारत में अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने पर यह दिहांग  नदी के नाम से जानी जाती है। बांग्लादेश में तीस्ता नदी ब्रह्मपुत्र नदी में मिलती है और वह गंगा नदी में मिल जाती है।


ब्रह्मपुत्र नदी की महत्वपूर्ण सहायक नदियां-

मानस नदी
सुबनसिरी नदी
पुथीमारी नदी
पगलडिया नदी, और 
धनसिरी नदी


मेघना नदी


मेघना नदी मणिपुर से निकलती है। मेघना नदी बांग्लादेश में भैरव बाजार के पास गंगा-ब्रह्मपुत्र के संगम स्थान तक बहती है।


मेघना नदी की महत्वपूर्ण सहायक नदियां-

सोनाई नदी
रुकणी नदी
कटाखल नदी
मक्कू नदी
तरांग नदी
जयंतिया नदी
तुइदवई नदी
धालेश्वरी नदी
लांगचिनी नदी
मदुआ नदी, और 
जीरी नदी


दक्षिणी नदी तंत्र क्या है?

The Southern India's River System




दक्षिणी नदियां सामान्यतया वर्षा पर निर्भर होती हैं, अतः उनका आकार बदलता रहता है । इनमें से कई नदियां बारहमासी नहीं हैं | 
दक्षिणी नदी तंत्र में, सामान्यतः पूर्व दिशा में बहने वाली अधिकतर नदियां बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। पूर्व की ओर बहने वाली नदियों में कावेरी, गोदावरी, कृष्णा और महानदी शामिल हैं। ताप्ती  नदी और नर्मदा नदी पश्चिम की ओर बहने वाली प्रमुख नदियां हैं।


दक्षिणी नदी तंत्र में गोदावरी दूसरी सबसे बड़ी नदी घाटी है, जो भारत के लगभग 10% क्षेत्र को शामिल करती है। इसके बाद कृष्णा नदी है। दक्षिण नदी तंत्र में, अरब सागर की ओर बहने वाली नर्मदा नदी और बंगाल की खाड़ी की ओर बहने वाली कावेरी नदी लगभग बराबर आकार की नदियां है|









तटवर्ती नदी तंत्र क्या है?

The Coastal India's River SystemThe Coastal Rivers of India




तटवर्ती नदी तंत्र में, पश्चिमी तटवर्ती नदियों की लंबाई अपेक्षाकृत कम है है और इन नदियों के जलग्रहण क्षेत्र भी सीमित हैं। उनमें से कई नदियां बारहमासी नहीं हैं। अनेक तटवर्ती नदियां ऐसी हैं, जो छोटी हैं। इन नदियों में कुछ नदियां ऐसी हैं, जो पूर्वी तट के निकट सागर में गिरती हैं, जबकि अधिकतर नदियां ऐसी हैं जो पश्चिमी तट पर पहुंच जाती हैं ।
राजस्थान राज्य में कुछ ऐसी नदियां भी हैं जो समुद्र तक नहीं पहुंच पाती हैं । वे साल्ट लेक में गिरती हैं और रेगिस्तान में लुप्त हो जाती हैं। इनके अलावा कुछ रेगिस्तानी नदियां हैं, जो थोड़ी दूर बहकर रेगिस्तान में लुप्त हो जाती हैं। जैसे लूनी नदी, माछु नदी, रूपेन नदी, सरस्वती नदी, बनास नदी, घग्घर नदी आदि।



तो दोस्तों,

यह था आसान से शब्दों में भारत का नदी तंत्र, भारत का अपवाह तंत्र या The River System of India जिसे Summary के रूप में लिखा गया है ताकि आप सभी लोग इसके मूल रूप को आसानी से समझ सके|
आपको हमारे आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और इससे संबंधित किसी भी जिज्ञासा या सवाल को आसान बनाने के लिए उसे हमसे जरूर पूछें|















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