Famous Rulars Of The Gupta's Empire | गुप्त काल के महान शासक


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गुप्त काल के महान शासक 

Famous Rulars Of The Gupta's Empire



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गुप्त काल के महान शासक

Ancient History Of India









गुप्त काल



गुप्त काल के आदि पुरुष श्री गुप्त थे|
गुप्त काल के संस्थापक घटोत्कच थे|
गुप्तों की जानकारी वायु पुराण से मिलती है|
गुप्त काल साहित्य, कला, धर्म, मंदिर निर्माण, स्थापत्य कला और विज्ञान का स्वर्ण काल माना जाता था|








चंद्रगुप्त प्रथम


चंद्रगुप्त प्रथम 319 ईसवी में गद्दी पर बैठा|
इस उपलक्ष्य में उन्होंने गुप्त संवत चलाया|
इन्होंने सर्वप्रथम राजा रानी प्रकार के सिक्के चलाएं|
इन्होंने परम भागवत की उपाधि धारण की|








समुद्रगुप्त


बी ए स्मिथ ने समुद्रगुप्त को भारत का नेपोलियन कहा|
समुद्रगुप्त की उपाधियां निम्न प्रकार है-   
पृथु
राघव
यम
कुबेर
और
कविराज

समुद्रगुप्त संगीत के शौकीन थे|
इन्होंने अपने आपको वीणा बजाते हुए सिक्के जारी किए|  
समुद्रगुप्त ने निम्न प्रकार की युद्ध नीतियां अपनाई-
ग्रहण मोक्ष अनुग्रह
पृसभोद्धरण 
अनुनय एवं विवाह
परिचारिकृत


समुद्रगुप्त ने उत्तर दिशा के 9 और दक्षिण दिशा के 12 राजाओं को परास्त किया|
समुद्रगुप्त के दरबार में हरीषेन नामक विद्वान था|
हरिषेन ने प्रयाग प्रशस्ति (जिसे इलाहाबाद लेख भी कहा जाता है) कि रचना की|
इस प्रशस्ति की भाषा संस्कृत थी|
इस रचना में समुद्रगुप्त की जीवनी का उल्लेख है।








चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)


इन्होंने अपने भाई राम गुप्त को मारा तथा उनकी पत्नी ध्रुवस्वामिनी से विवाह किया|
इन्होंने शक जाति को परास्त किया और इस उपलक्ष्य में शकारी की उपाधि धारण की|
और व्याघ्र हनन प्रकार के सिक्के चलाएं|
चंद्रगुप्त द्वितीय की अन्य उपाधियां विक्रमाँक एवं परम भागवत भी है।
इन्होंने साहित्य के क्षेत्र में प्रगति करवाई|
इन्होंने अपनी पुत्री प्रभावती गुप्ता का विवाह रुद्रदामन तृतीय से किया तथा अपने पुत्र कुमारगुप्त का विवाह वाकाटक वंश में किया|
इसी वाकाटक वंश की सहायता से इन्होंने चालुक्य शासक रुद्रदामन द्वितीय को हराया|
प्रभावती गुप्ता ने इंदौर ताम्रपत्र की रचना की| जिसमें प्रथम बार सूर्य पूजा व सूर्य मंदिर का उल्लेख है|
तथा इसमें गुप्तों की जीवनी भी है|  

चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबार में नवरत्न रहा करते थे|
जो इस प्रकार है-
आर्यभट्ट
वराह मिहिर
विष्णु शर्मा
शुद्रक
विशाखदत्त
चरक
वात्सायन 
और
कालिदास



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कुमारगुप्त


यह ध्रुवस्वामिनी और चंद्रगुप्त द्वितीय का पुत्र था|
कुमारगुप्त अपने जीवन में कोई भी विजय प्राप्त नहीं कर सका|
कुमारगुप्त ने सर्वाधिक मात्रा में सिक्के जारी करवाएं तथा सर्वाधिक मात्रा में अभिलेख बनवाएं|
कुमार गुप्त के समय में शक जाति का आक्रमण हुआ| जिसका दमन स्कंद गुप्त ने किया| इस बात का पता जूनागढ़ अभिलेख से चलता है|
कुमारगुप्त ने मयूर खड़क निहंग परशु धनुष कार्तिकेय गरुड़ आदि प्रकार के सिक्के चलवाये|
कुमारगुप्त के अन्य उपाधियां महेंद्रादित्य एवं शकारीद्वितीय है।






स्कंद गुप्त


स्कंद गुप्त ने जूनागढ़ अभिलेख की स्थापना करवाई| जिसमें कहा गया है कि इनके समय सुदर्शन झील का पुनर्निर्माण इनके प्रांत पति पुष्य गुप्त ने करवाया|
इनके भीतरी अभिलेखों में पुष्य मित्रों को पराजित करने के प्रमाण मिलते हैं|





नोट गुप्त वंश का अंतिम शासक विष्णुगुप्त था|
नोट भानु गुप्त के समय प्रथम बार सती प्रथा का उल्लेख एरण अभिलेख 510 ईसवी में मिलता है|
जिसमें इनके मित्र और सेनापति गोपराज की पत्नी सती हुई।










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English View






Famous Rular Of The Gupta's Empire

Ancient History Of India








Gupta's Empire


The early men of the Gupta period were Shri Gupta.
The founder of the Gupta period was Ghatotkacha.
Information about the Guptas comes from the Vayu Purana.
The Gupta period was considered the golden period of literature, art, religion, temple construction, architecture and science.








Chandragupta I





Chandragupta ascended the throne in 319 AD.
On this occasion, he ran the Gupta era.
He first introduced coins like Raja Rani type.
He assumed the title of Param Bhagwat.









Samudragupta


BA Smith called Samudragupta as the Napoleon of India.
The other titles of Samudragupta are as follows-

Earth

Raghav

Yama

Kubera

And

Kaviraj

Samudragupta was fond of music.
He issued coins playing the harp himself.
Samudragupta adopted the following war strategies-

Eclipse salvation grace

Proclamation

Persuasion and marriage


Samudragupta defeated 9 kings of North and 12 of South.
In the court of Samudragupta, there was a scholar named Harishen.
Harishen composed the Prayag Prasasti (also known as Allahabad article).
The language of this commendation was Sanskrit.
The biography of Samudragupta is mentioned in this composition.









Chandragupta II (Vikramaditya)


He killed his brother Ram Gupta and married his wife Dhruvaswamini.
He defeated the Shaka caste and assumed the title of Shakari on this occasion.
And run the coins that are in violation.
Other titles of Chandragupta II are also Vikramanka and Param Bhagwat.
He made progress in the field of literature.
He married his daughter Prabhavati Gupta to Rudradaman III and married his son Kumaragupta in the Vakataka dynasty.
With the help of this Vakataka dynasty, he defeated the Chalukya ruler Rudradaman II.
Prabhavati Gupta wrote Indore Tamrapatra. In which, for the first time, Sun worship and Sun Temple are mentioned.
And it also has a biography of the Guptas.
Navratna used to be in the court of Chandragupta II.
which is like this-

Aryabhata

Varah Mihir

Vishnu Sharma

Sudraka

Vishakhadatta

Charak

Vatsyayan

And

Kalidas







Kumargupta

He was the son of Dhruvaswamini and Chandragupta II.
Kumaragupta could not achieve any victory in his life.
Kumaragupta issued the highest amount of coins and got the highest amount of records.
During the time of Kumar Gupta, there was an attack of Shaka caste. Which was suppressed by Skanda Gupta. This information is known from the Junagadh inscription.
Kumaragupta introduced coins like Mayur Khadak Nihang Parshu Dhanush Kartikeya Garuda etc.
Other titles of Kumaragupta are Mahendraditya and Shakari.




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Skanda Gupta


Skanda Gupta established Junagadh inscription. In which it is said that Sudarshan lake was renovated by his husband, Pushya Gupta.
In their internal records, evidence of defeating Pushya friends is found.








Note The last ruler of the Gupta dynasty was Vishnugupta.

Note During the time of Bhanu Gupta, for the first time the mention of Sati practice is found in the Eran inscription 510 AD.
In which his friend and general Gopraj's wife was became Sati.


















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