भारतीय संविधान में महत्वपूर्ण संशोधन 

Bharatiya Samvidhan Me Sanshodhan in hindi pdf download

भारतीय संविधान में महत्वपूर्ण संशोधन


हेलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लाये है -  राजनीति विज्ञान विषय का सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक 

"भारतीय संविधान में अब तक किये गए महत्वपूर्ण संशोधन"  

भारतीय संविधान में 2021 तक कितने संशोधन हो चुके हैं ?

जी हाँ, ये ऐसा टॉपिक है जिसे हम सभी बचपन से पढ़ते आ रहे है. लेकिन शायद अभी तक भी हम में से ज्यादातर लोगो को ये याद नहीं हो पाया है. लेकिन आप सभी ने यह महसूस किया होगा कि ये टॉपिक सभी परीक्षाओं की दृष्टि से कितना जरुरी और लाभदायक है. 

तो क्यों न आज फिर से इस गंभीर टॉपिक पर चर्चा की जाये और इसे अपने दिलोदिमाग में बसाने की कोशिश की जाये.    

तो आइये शुरू करते है -


संविधान संशोधन लिस्ट इन हिंदी पीडीएफ  |   भारतीय संविधान में कुल संशोधन list


 1. पहला संशोधन 1951इस संशोधन के द्वारा संविधान में नवीं अनुसूची जोड़ी गई|
 2. 18 वां संशोधन 1966 इस संशोधन के द्वारा संसद को नए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के निर्माण की शक्ति प्रदान की गई|
 3. 39 वां संशोधन 1975 इस संशोधन के द्वारा राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष के निर्वाचन संबंधी विवादों को न्यायिक परीक्षण से मुक्ति दी गई|
 4. 42वां संशोधन 1976 इस संशोधन के द्वारा निम्न संविधानिक बदलाव किए गए-
  • संपूर्ण संविधान को न्यायिक परीक्षण से मुक्ति दी गई|
  • यह स्पष्ट किया गया कि राज्य के नीति निदेशक तत्व सर्वोच्चता के संबंध में मौलिक अधिकारों से ऊपर होंगे|
  • संविधान में मूल कर्तव्य को जोड़ा गया, जो वर्तमान में 11 है|
  • संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी अखंडता और पंथनिरपेक्ष शब्द जोड़े गए|
 5. 44 वां संशोधन 1978  इस संशोधन के द्वारा निम्न संवैधानिक बदलाव किए गए-
  • संविधान में उल्लेखित राष्ट्रीय आपातकाल केे प्रावधान अनुच्छेद 352 में लिखित  शब्द आंतरिक अव्यवस्था को बदलकर सशस्त्र विद्रोह किया गया|
  •  मौलिक अधिकारों की सूची से संपत्ति के अधिकार को हटा दिया गया|
 6. 61वां संशोधन 1989 इस संशोधन के द्वारा मतदान की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष की गई|
 7. 73वां संशोधन 1992इस संशोधन के द्वारा निम्न संवैधानिक बदलाव किए गए-
  •  पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया|
  • संविधान में 11वीं अनुसूची जोड़ी गई|
8. 74वां संशोधन 1992 इस संशोधन के द्वारा निम्न संविधानिक बदलाव किए गए-
  • शहरी क्षेत्र की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया|
  •  संविधान में 12 वीं अनुसूची जोड़ी गई|
 9.92 वां संशोधन 2003इस संसोधन के द्वारा आठवीं अनुसूची में चार नयी भाषाएँ जोड़ी गयी  - ये भाषाएँ है - बोडो, डोगरी, मैथली और संथाली 
 10.  97 वां संशोधन 2011 इस संशोधन के द्वारा वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली (जीएसटी प्रणाली) के लिए लोकसभा में विधेयक पेश किया गया|
सहकारी संस्थाओं के निर्माण के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्ज़ा दिया गया धारा-19 
 11. 101 वां संशोधन 2016 इस संसोधन के द्वारा माल एवं सेवा कर GST विधेयक लाया गया |
 12. 104 वां संशोधन 2020 इस संसोधन के माध्यम से लोकसभा एवं राज्यसभा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की आरक्षित सीटों की समय सीमा को 70 वर्षों से बढाकर 80  वर्ष किया गया ।